हनुमानगढ़: बेटे की मौत के बाद रोते-रोते थाने पहुंचा बुजुर्ग पिता, सूदखोरों को 3 लाख के चुकाए 30 लाख, फिर भी कर रहे डिमांड
हनुमानगढ़: बेटे की मौत के बाद रोते-रोते थाने पहुंचा बुजुर्ग पिता, सूदखोरों को 3 लाख के चुकाए 30 लाख, फिर भी कर रहे डिमांड
राजस्थान के नोहर कस्बे में सोमवार सुबह कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े एक युवक ने निजी फाइनेंसर्स के कर्ज और ऊंचे ब्याज के दबाव में आकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 40 वर्षीय गौतम शर्मा के रूप में हुई है। उसने सोमवार सुबह अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। जानकारी के अनुसार गौतम नोहर में कैटरिंग और रेस्टोरेंट का काम करता था, लेकिन वह निजी साहूकारों के जाल में फंस गया था। आत्महत्या से पहले उसने एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सुसाइड नोट में गौतम ने उल्लेख किया कि उसने वीरेंद्र बेनीवाल, रामकुमार बेनीवाल निवासी सेक्टर नंबर पांच और कमल कंदोई साड़ी सेंटर से कुल तीन लाख रुपए ब्याज पर उधार लिए थे। इनमें से एक लाख रुपए कमल कंदोई से लिए गए थे। आरोप है कि इन तीनों ने ब्याज के नाम पर लाखों रुपए वसूल लिए, लेकिन उसके दस्तावेज वापस नहीं किए। इतना ही नहीं, वे अतिरिक्त दस-दस लाख रुपए की मांग कर रहे थे और पिछले पांच वर्षों से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही थीं। तंग आकर उसने यह कदम उठाया। नोट में लिखा है कि उक्त तीनों व्यक्तियों से परेशान होकर वह आत्महत्या कर रहा है। उसने दावा किया कि उनसे तीस से चालीस लाख रुपए तक वसूल लिए गए, लेकिन कागजात लौटाने में आनाकानी की जा रही थी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। तलाशी के दौरान कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ। मृतक के पिता सत्यनारायण शर्मा (72) की रिपोर्ट पर तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 108, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पिता सत्यनारायण ने बताया कि उन्होंने शर्मा रेस्टोरेंट एवं कैटरिंग के नाम से व्यवसाय शुरू किया था, जिसमें उनका पुत्र गौतम सहयोग करता था। गौतम ने उन्हें बताया था कि वीरेंद्र और रामकुमार से दो-दो लाख तथा कमल से एक लाख रुपए उधार लिए थे। यह राशि ब्याज सहित तीस से चालीस लाख रुपए तक चुका दी गई थी। आरोप है कि खाली कागजों और चेक पर हस्ताक्षर करवाकर आरोपियों ने उन्हें अपने पास रख लिया और उन्हें लौटाने के बदले ब्लैकमेल किया जा रहा था। रुपए नहीं देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी।
सत्यनारायण ने पुलिस को बताया कि रविवार शाम रामकुमार और कमल कंदोई उनकी दुकान पर आए और गौतम के बारे में पूछताछ करने लगे। जब उन्होंने कारण पूछा तो कहा गया कि कोई खास काम नहीं, बस सामान्य जानकारी ले रहे हैं। रात को जब वह घर पहुंचे तो गौतम से इस बारे में पूछा। बार-बार पूछने पर गौतम ने पैसों के लेनदेन, दबाव और ब्लैकमेलिंग की पूरी बात बताई। इससे पहले भी आरोपियों के फोन आ चुके थे। सोमवार सुबह करीब आठ बजे वह दुकान पर चले गए। लगभग साढ़े नौ बजे फोन पर सूचना मिली तो वह तुरंत घर लौटे। घर पहुंचने पर देखा कि गौतम ने चौबारे के कमरे में दुपट्टे से फंदा लगा रखा था।
परिजनों की सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को फंदे से उतारा। कमरे की तलाशी में सुसाइड नोट मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। घटना की जानकारी मिलने पर माकपा नेता मंगेज चौधरी थाने पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली। उन्होंने थाना प्रभारी से मिलकर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
मंगेज ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो थाने के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई निजी फाइनेंसर्स सक्रिय हैं, जिनके जाल में गौतम जैसे कई लोग फंस चुके हैं। इनकी मनमानी से अनेक परिवार आर्थिक और मानसिक संकट झेल रहे हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर अन्य पीड़ितों को राहत दिलाई जाए। गौतम अपने परिवार का इकलौता बेटा था। शाम को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।
घटना के बाद लोगों में निजी फाइनेंसर्स की कथित मनमानी को लेकर आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। थानाधिकारी अजय गिरधर ने बताया कि मामला दर्ज कर विस्तृत जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।
News Source: Rajasthan Patrika