राजस्थान: ‘कोई 75 डिब्बे च्यवनप्राश ले रहा है, तो कोई…’, केंद्रीय मंत्री के सामने राजस्थान सीएम भजनलाल ने खोल डाली ‘पोल’ !

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राजस्थान: ‘कोई 75 डिब्बे च्यवनप्राश ले रहा है, तो कोई…’, केंद्रीय मंत्री के सामने राजस्थान सीएम भजनलाल ने खोल डाली ‘पोल’ !

Rajasthan News: जयपुर स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA) के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आयुर्वेद के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य योजनाओं में पारदर्शिता पर जोर दिया। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में संभावित गड़बड़ियों को लेकर सख्त संदेश दिया।

योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचे:-

NIA के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन का मार्ग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा है कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ सही और जरूरतमंद व्यक्तियों तक पहुंचे।

RGHS में दुरुपयोग पर चिंता:-

मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ मामलों में योजना का दुरुपयोग सामने आया है। उन्होंने कहा कि कुछ कार्मिक अत्यधिक मात्रा में औषधियां ले रहे हैं, वहीं कम उम्र के लोग बार-बार पंचकर्म जैसी प्रक्रियाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सकों से अपील की कि वे आवश्यकता के अनुसार ही दवाएं और उपचार सुझाएं।

डिजिटल मॉनिटरिंग और सख्ती:-

सीएम ने कहा कि अब योजनाओं की निगरानी डिजिटल माध्यम से की जा रही है और नियमित ऑडिट भी हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न हो।

NIA को विस्तार के लिए भूमि:-

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने संस्थान में स्थान की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार जयपुर में संस्थान के विस्तार के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू करेगी।

आयुर्वेद का व्यापक दृष्टिकोण:-

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद हमें रोग होने से पहले ही सतर्क रहने की सीख देता है। उन्होंने राजस्थान की प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और परंपरागत ज्ञान का उल्लेख करते हुए इसे राज्य की विरासत बताया।

केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने भी संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मिलकर काम करने की बात कही।