नशे की पुड़िया: बसों-ट्रेनों के जरिए ओडिशा से राजस्थान में सप्लाई, 8KG गांजे समेत 4 तस्कर गिरफ्तार

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नशे की पुड़िया: बसों-ट्रेनों के जरिए ओडिशा से राजस्थान में सप्लाई, 8KG गांजे समेत 4 तस्कर गिरफ्तार

कोटा। कोटा सिटी पुलिस ने ऑपरेशन गरुड़ व्यूह के तहत बसों और ट्रेनों के जरिए हो रही गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए चार गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 8 किलो गांजा बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि पहली बार ‘चेन सिस्टम’ से चल रहे गांजा सप्लाई नेटवर्क की पूरी कड़ी तोड़ी गई है।

पुलिस के अनुसार उज्जैन निवासी दीपक उर्फ दीपू को 5 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि वह अकेला नहीं, बल्कि शहर में गांजा बेचने वाले तीन अन्य सप्लायरों के साथ मिलकर काम कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने घोड़ा बस्ती निवासी बाबू गुर्जर, नयापुरा निवासी श्याम उदयवाल और नयापुरा निवासी सिकंदर को भी गिरफ्तार किया। इनसे क्रमशः डेढ़-डेढ़ किलो और एक किलो गांजा बरामद हुआ।

छह माह से चल रही थी निगरानी:-

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दीपक उर्फ दीपू पिछले करीब एक साल से पत्नी के साथ रोटेदा रोड स्थित किराए के मकान में रह रहा था। पहले वह मजदूरी करता था और गांजा पीने का आदी था। बाद में उसने काम छोड़कर गांजा पीने और छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचने का धंधा शुरू कर दिया। शुरुआत में कम मात्रा में बिक्री के कारण कार्रवाई करना मुश्किल था, लेकिन पुलिस करीब छह माह से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। बड़ी खेप की सूचना मिलते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पीने से शुरू हुआ सफर, तस्करी तक पहुंचा:-

पूछताछ में दीपक ने बताया कि पहले वह बाबू गुर्जर से गांजा खरीदकर पीता था। बाद में उसने बिक्री शुरू की और इसी दौरान उसकी पहचान ओडीशा निवासी रतन से करवाई गई। इसके बाद वह सीधे ओडीशा से 10 से 15 किलो गांजा बसों और ट्रेनों के जरिए मंगवाने लगा। कोटा पहुंचने पर यह माल बाबू गुर्जर, सिकंदर और श्याम उदयवाल को सप्लाई किया जाता था, जो आगे छोटी पुड़िया बनाकर वितरित करते थे।

छोटे तस्करों के जरिए फैलता था नेटवर्क:-

पुलिस के मुताबिक इन आरोपियों से छोटे तस्कर 200 से 500 ग्राम गांजा खरीदते थे और शहर के विभिन्न इलाकों में इसकी सप्लाई करते थे। इस तरह चेन सिस्टम के जरिए पूरे शहर में गांजा फैलाया जाता था और हर स्तर पर मुनाफा कमाया जा रहा था।

उधारी में चलता था पूरा धंधा:-

जांच में सामने आया कि गांजा उधार में मंगवाया जाता था। बिक्री के बाद 5 से 10 दिनों में पैसे वसूल कर ऑनलाइन माध्यम से ओडीशा में बैठे सप्लायर को भेजे जाते थे।

पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही ओडीशा में बैठे मुख्य सप्लायर और अन्य छोटे तस्करों की तलाश तेज कर दी गई है।

नशे के खिलाफ सख्ती:-

एसपी कोटा सिटी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि शहर को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से ऑपरेशन गरुड़ व्यूह के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों और नाबालिगों को नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय तस्करों को बड़ा झटका लगा है।

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