Rajasthan Budget 2026: 11 फरवरी को दिया कुमारी खोलेंगी बजट का पिटारा, प्रदेशवासियों को बजट से बड़ी सौगातों की उम्मीद
Rajasthan Budget 2026: 11 फरवरी को दिया कुमारी खोलेंगी बजट का पिटारा, प्रदेशवासियों को बजट से बड़ी सौगातों की उम्मीद
जयपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2026 पेश किए जाने के बाद अब राजस्थान की नजरें उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी पर टिकी हैं। राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हो चुका है, जबकि राज्य का पूर्ण बजट 11 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। भजनलाल सरकार के कार्यकाल का यह तीसरा बजट होगा, जिससे प्रदेशवासियों को कई बड़ी सौगातों की उम्मीद है।
‘निर्मला’ के बाद ‘दिया’ की बारी !
केंद्रीय बजट के बाद अब राजस्थान के बजट को लेकर सियासी और आर्थिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि 11 फरवरी को वित्त मंत्री दिया कुमारी विधानसभा में बजट पेश करेंगी। यह बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं होगा, बल्कि वर्ष 2047 तक राजस्थान को विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक रोडमैप भी प्रस्तुत करेगा।
मिलेगा अच्छा और समावेशी बजट : दिया कुमारी
राज्य बजट को लेकर वित्त मंत्री दिया कुमारी ने हाल ही में जयपुर में प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि बजट से जुड़ी सभी जानकारियां बजट पेश होने के दिन सामने आएंगी, लेकिन उन्होंने यह भरोसा जरूर दिलाया कि यह बजट प्रदेश के हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए समावेशी और विकासपरक होगा।
दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने बीते दो वर्षों में मजबूत और जनहितकारी बजट पेश किए हैं, जिनकी घोषणाओं को धरातल पर उतारने का काम भी किया गया है। आगामी बजट में भी पूरे राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण और दूरगामी घोषणाएं देखने को मिलेंगी।
केंद्रीय बजट पर दी प्रतिक्रिया
केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री दिया कुमारी ने इसे देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह बजट ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को मजबूती देने वाला है और इसमें समग्र विकास की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, किसान कल्याण और महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया गया है, जो वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अहम कदम है।