एसओजी ने तीन बड़ी भर्तियों में नौकरी लगे अभ्यर्थियों की मांगी OMR शीट्स, फर्जीवाड़ा उजागर होने से राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में हड़कंप
जयपुर। राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों बेरोजगारों के के भविष्य से जुड़े सबसे बड़े दस्तावेज, यानी ओएमआर शीट्स पर ही अब सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) पर आरोप हैं कि उसने तीन बड़ी भर्ती परीक्षाओं की मूल ओएमआर शीट्स या तो नष्ट कर दी हैं या जानबूझकर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को उपलब्ध नहीं करवा रही है।
एसओजी, जो सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता) सीधी भर्ती–2018, प्रयोगशाला सहायक भर्ती–2018 और कृषि पर्यवेक्षक भर्ती–2018 में ओएमआर शीट्स में हेरफेर की जांच कर रही है, ने अब तक बोर्ड को आठ से अधिक पत्र भेजे हैं। इसके बावजूद, बोर्ड ने जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए।
एसओजी सूत्रों का कहना है कि अब तक सामने आई गड़बड़ियां केवल शुरुआत हैं। यदि बोर्ड मूल OMR शीट्स उपलब्ध कराता है तो कई अन्य छेड़छाड़ और फर्जीवाड़े के मामले भी उजागर हो सकते हैं। अगर सभी अभ्यर्थियों की शीट्स नहीं दी जा सकती, तो कम से कम नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों की ही मूल OMR शीट्स उपलब्ध कराई जाए।
जांच में पता चला कि इन तीन परीक्षाओं में कम से कम 42 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट्स में हेरफेर कर उनके अंक बढ़ाए गए। सबसे चौंकाने वाला मामला उस अभ्यर्थी का है, जिसके वास्तविक अंक माइनस 6 थे, लेकिन OMR शीट में 259 अंक दर्ज किए गए।
एसओजी के अनुसार, जब भी बोर्ड से दस्तावेज मांगे गए, अधिकारियों ने लंबे समय तक बहाने बनाकर या गुमराह कर दिया। अब सवाल यह है कि क्या ओएमआर शीट्स नष्ट कर दी गई हैं, या फिर इसे रोककर और बड़े खुलासों को टाला जा रहा है।


