बीकानेर: मालिक के 54.5 लाख रुपए देखकर डगमगाया ईमान, रिश्तेदारों के साथ मिलकर रची ऐसी कहानी कि खुद ही फंस गया

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बीकानेर। दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र में 54.5 लाख रुपए की कथित लूट की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में सामने आया कि लूट की पूरी साजिश बीकानेर निवासी एक व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। दिल्ली पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर करीब 50 लाख रुपए की नकदी बरामद की है।

पुलिस के अनुसार 26 मई को बीकानेर निवासी वासुदेव ने लाहौरी गेट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह शास्त्री नगर में अपने रिश्तेदार राजेंद्र उर्फ राजू के यहां काम करता है, जो मनी ट्रांसफर का कारोबार करता है। वासुदेव के मुताबिक उसे 54.5 लाख रुपए से भरा बैग चांदनी चौक स्थित कुचा घासीराम पहुंचाने के लिए दिया गया था। इसी दौरान फतेहपुरी के एसपीएम रोड टी-प्वाइंट पर दो युवकों ने उस पर हमला कर बैग और मोबाइल लूट लिया।

500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच:-

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में वासुदेव की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। पुलिस को पता चला कि कथित लूट के दौरान उसने कोई विरोध नहीं किया और न ही आरोपियों का पीछा करने का प्रयास किया। इसके बाद पूछताछ में उसने साजिश का खुलासा कर दिया।

जांच में सामने आया कि वासुदेव ने बड़ी रकम देखकर अपने चचेरे भाई पुरुषोत्तम और फोटोग्राफर मित्र रामनिवास के साथ मिलकर लूट की झूठी कहानी बनाई थी। बाद में रामनिवास ने मनोज मोटसर और कमल भारती सहित अन्य लोगों को भी इस साजिश में शामिल कर लिया।

राजस्थान और उत्तराखंड से पकड़े गए आरोपी:-

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राजस्थान और उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुरुषोत्तम को जालोर से पकड़ा गया, जबकि कमल भारती को बीकानेर के फतोगुरा और मनोज मोटसर को रानीसर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। मनोज के कब्जे से 16 लाख रुपए बरामद हुए। वहीं रामनिवास को नागौर के एक होटल से गिरफ्तार कर उसके पास से 34 लाख रुपए नकद बरामद किए गए।