चलती स्लीपर बस में हुई बुजुर्ग की मौत, हाईवे पर परिजनों व शव को उतार चला गया ड्राइवर

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कोटा। मध्य प्रदेश के भिंड-ग्वालियर क्षेत्र से अहमदाबाद जा रही एक निजी बस में सफर के दौरान एक बुजुर्ग की मौत हो गई। आरोप है कि बुजुर्ग की मौत के बाद बस चालक ने शव और उसके परिजनों को नेशनल हाईवे-27 पर हैंगिंग ब्रिज के पास उतार दिया और बस लेकर आगे रवाना हो गया। बाद में टोल प्लाजा कर्मचारियों की सूचना पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और शव को मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई।

हैंगिंग ब्रिज टोल प्लाजा के प्रबंधक प्रदीप यादव ने बताया कि घटना मंगलवार देर रात करीब एक बजे की है। ग्वालियर से अहमदाबाद जा रही बस टोल पार करने के बाद सकतपुर टोल क्षेत्र के पास मृत बुजुर्ग और उनके परिजनों को उतारकर चली गई। इसकी जानकारी मिलते ही टोल कर्मचारियों ने तत्काल 1033 एंबुलेंस को सूचना दी और सहायता उपलब्ध कराई।

यादव ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जब बस में किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने पर चालक मरीज या परिजनों को टोल स्टाफ के भरोसे छोड़कर आगे बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि बस चालक को एंबुलेंस आने तक इंतजार करने की सलाह दी गई थी, लेकिन उसने बात नहीं मानी और शव को नीचे उतरवाकर बस लेकर चला गया।

परिजनों ने बताया कि सीमलिया टोल के आगे ही चालक को बुजुर्ग की मौत की जानकारी दे दी गई थी। उनका कहना था कि चालक चाहता तो उन्हें सीधे कोटा के अस्पताल तक पहुंचा सकता था। सूचना मिलने पर हाईवे पेट्रोलिंग एंबुलेंस मौके पर पहुंची और बुजुर्ग को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। हालांकि परिजनों ने बताया कि उनकी मौत हो चुकी थी, इसलिए अस्पताल ले जाने की बजाय वे निजी एंबुलेंस की व्यवस्था कर शव को अपने गृह क्षेत्र ले गए।

वहीं बस चालक जसवंत का कहना है कि परिजन स्वयं उतरना चाहते थे, इसलिए उन्हें हाईवे पर उतारा गया। चालक ने दावा किया कि सरकारी एंबुलेंस को सूचना दे दी गई थी और बस में अन्य यात्री होने के कारण उसे आगे बढ़ना पड़ा।

बस का संचालन करने वाले ऑपरेटर के प्रतिनिधि प्रमोद गुप्ता ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उनका कहना है कि बस बाइपास मार्ग से गुजरती है, इसलिए संभवतः परिजनों को हाईवे पर ही उतारा गया होगा।

मृतक को निजी एंबुलेंस से उनके गांव पहुंचाने वाले चालक रमेश ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के पास 1033 एंबुलेंस से शव को उनके वाहन में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद वह करीब 435 किलोमीटर का सफर तय कर शव को परिजनों के गांव तक छोड़कर लौटे। बातचीत के दौरान परिजनों ने बताया कि बुजुर्ग का ग्वालियर में इलाज चल रहा था और स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्हें अहमदाबाद ले जाया जा रहा था। रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई। मृतक के साथ उनकी पत्नी, बेटा, बहू, बेटी, दामाद और तीन बच्चे भी यात्रा कर रहे थे।