राजस्थान के विनोद जाखड़ बने NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष, जानें क्या मायने रखती है नियुक्ति?

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राजस्थान के विनोद जाखड़ बने NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष, जानें क्या मायने रखती है नियुक्ति?

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने राजस्थान की छात्र राजनीति के प्रमुख चेहरे विनोद जाखड़ को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह फैसला न सिर्फ जाखड़ के राजनीतिक सफर में बड़ा पड़ाव है, बल्कि राजस्थान के लिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है। NSUI के करीब 55 साल के इतिहास में पहली बार किसी राजस्थानी नेता को राष्ट्रीय कमान सौंपी गई है।

प्रदेश अध्यक्ष से राष्ट्रीय नेतृत्व तक:-

विनोद जाखड़ जनवरी 2024 से राजस्थान NSUI के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सक्रिय थे। उनके कार्यकाल में संगठन ने कई मुद्दों पर मुखर भूमिका निभाई।

  • छात्र आंदोलनों का नेतृत्व: राजस्थान विश्वविद्यालय में विभिन्न छात्र मुद्दों, छात्रसंघ चुनाव बहाली और वैचारिक कार्यक्रमों के विरोध में उन्होंने मोर्चा संभाला।
  • संघर्ष और गिरफ्तारी: छात्र हितों की लड़ाई के दौरान वे कई बार हिरासत में भी लिए गए, लेकिन संगठनात्मक सक्रियता जारी रखी।
  • केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की युवा नेतृत्व पर जोर देने की रणनीति के तहत जाखड़ को राष्ट्रीय जिम्मेदारी दी गई।

सियासी संदेश और संभावित असर

जाखड़ की नियुक्ति को राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।

  • सामाजिक संतुलन का संकेत: एक दलित युवा चेहरे को आगे लाकर कांग्रेस ने सामाजिक प्रतिनिधित्व का संदेश देने की कोशिश की है।
  • युवा नेतृत्व को प्रोत्साहन: राजस्थान से पहली बार किसी नेता का इस पद तक पहुंचना राज्य के अन्य छात्र नेताओं के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल सकता है।

साधारण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय मंच तक

जयपुर के निकट एक सामान्य परिवार में जन्मे विनोद जाखड़ का राजनीतिक सफर संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता प्लास्टर मिस्त्री के रूप में काम करते हैं। बचपन में परिवार काम की तलाश में जयपुर आ बसा। शुरुआती पढ़ाई उसी स्कूल में हुई जहां उनके पिता मजदूरी करते थे। बाद में उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय का रुख किया और छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए। वे राजस्थान कॉलेज के पहले दलित छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

2018 की यादगार जीत

साल 2018 में राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव ने उन्हें प्रदेशभर में पहचान दिलाई। उस समय NSUI से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इस जीत ने उन्हें छात्र राजनीति में मजबूत पहचान दिलाई। बाद में वे पुनः कांग्रेस और NSUI से जुड़ गए।

विनोद जाखड़ की यह नियुक्ति संगठन में पीढ़ीगत बदलाव और नए नेतृत्व को आगे लाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

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