राजनीति की पेंज में फंसी सड़क आज तक नहीं हुई पूर्ण

बीआरओ का कहना कि टैंडर हो गया है, जल्द ही बची हुई सड़क का कार्य शुरू करवाया जाएगा

खाजूवाला, सीमावर्ती क्षेत्र में एक ऐसी सड़क है जिसे बनाने के लिए बड़े-बड़े नेताओं ने खुब वाही-वाही लूटी लेकिन यह सड़क राजनीति पेज ऐसी फंसी कि सड़क आज तक पूर्ण रूप से नहीं बनी पाई। जिसके चलते आम राहगिरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।खाजूवाला-रावला सड़क मार्ग जो की पूर्व में लगभग पूरी तरह जर-जर हो चुकी थी। जिसका कार्य पिछले वर्ष शुरू हुआ। कार्य शुरू होते ही कांग्रेस के एक बड़े नेता के कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि कार्य उनके द्वारा शुरू करवाया गया। जिसकी कई समाचार पत्रों में खबरे भी लगी। नेताजी को खुब बधाईयां भी मिली लोगों ने आभार जताया लेकिन कार्य कुछ दिनों में ही अचानक बन्द हो गया। वहीं कुछ समय बाद फिर से कार्य शुरू हुआ। जिसपर भाजपा के एक बड़े नेता के कार्यकर्ताओं ने खुब वाही-वाही लूटी कि कार्य उनके नेता ने शुरू करवाया है। असल में बीआरओ द्वारा सड़क में डामरीकरण निर्माण का कार्य शुरू किया। जिसके तहत 45 किलोमीटर की सड़क बनाई गई। लेकिन खाजूवाला-रावला सड़क मार्ग पर यह कार्य अधूरा रह गया और जो कार्य हुआ वो इतनी घटिया क्वालीटी का हुआ कि सड़क जगह-जगह से फिर से क्षतिग्रस्त हो गई।

खाजूवाला से घड़साना सड़क मार्ग 57 किलोमीटर का है जिसमें से पिछले वर्ष 45 किलोमीटर सड़क का निर्माण 28 अक्टूबर को शुरू हुआ जो कि दिसम्बर 2021 में पूर्ण हो गया। ग्रीफ के अनुसार 52 किलोमीटर सड़क घड़साना से खाजूवाला तक है। जिसमें खाजूवाला-रावला सड़क मार्ग पर 7 किलोमीटर का कार्य शेष बचा है लेकिन यह 10 किलोमीटर का कार्य शेष बताया जा रहा है। वहीं ग्रीफ द्वारा पूर्व में दंतौर सड़क का निर्माण भी करवाया गया था। जिसमें से 4 किलोमीटर का कार्य भी शेष बचा हुआ है। वहीं लोगों का कहना है कि जो सड़क ग्रीफ द्वारा बनाई गई है उसमें भी कई स्थानों पर सड़क फिर से टूट चुकी है।

इनका कहना है :-

खाजूवाला से घड़साना सड़क मार्ग 52 किलोमीटर में से पिछले वर्ष 45 किलोमीटर में सड़क पर डामरीकरण का कार्य किया गया था। अब खाजूवाला-रावला सड़क मार्ग पर 7 किलोमीटर व खाजूवाला दंतौर सड़क मार्ग पर 4 किलोमीटर सड़क डामरीकरण के लिए टैंडर हो चुके है। जिसे ठेकेदार द्वारा जल्द ही शुरू करवा दिया जाएगा।