पीहर जा रही विवाहिता से दरिंदगी के बाद हत्या, कुंए में फेंका शव; अब दोषियों को मिली फांसी की सजा
पीहर जा रही विवाहिता से दरिंदगी के बाद हत्या, कुंए में फेंका शव; अब दोषियों को मिली फांसी की सजा
दौसा। दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुए गैंगरेप और हत्या मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। यह मामला करीब चार वर्ष पुराना है। विवाहिता अपने ससुराल से पीहर जा रही थी, तभी रास्ते में आरोपियों ने उसका अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया और बाद में हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया था।
इससे पहले कोर्ट ने गुरुवार को दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रखा था। एडीजे ऋतु चौधरी ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। राज्य पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक महावीर सिंह ने इसे जघन्य अपराध बताते हुए कठोरतम दंड की मांग की। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने का हवाला देकर नरमी की अपील की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
जज ने फैसला सुनाते हुए पढ़ी ये कविता:-
सजा सुनाते वक्त न्यायाधीश ने समाज को आईना दिखाती पंक्तियां पढ़ीं। उन्होंने कहा कि आज भी बेटियों की सिसकियां समाज में गूंज रही हैं और सवाल उठाया कि आखिर कब तक नारी की अस्मिता तार-तार होती रहेगी और कब बेटियों के लिए समाज सुरक्षित बनेगा।
कड़ी सुरक्षा में पेशी:-
गुरुवार को दोनों आरोपियों को भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच अदालत में पेश किया गया। दोषी ठहराए जाने के दौरान दोनों सिर झुकाए खड़े रहे। फैसला सुनने के बाद पुलिस उन्हें वापस ले गई।
सीसीटीवी और नाबालिग के सुराग से खुला राज:-
घटना 23 अप्रैल 2022 की है। महिला बस से उतरने के बाद लापता हो गई थी। 24 अप्रैल को गुमशुदगी दर्ज हुई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और एक नाबालिग छात्र की सूचना के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। 25 अप्रैल को एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसी रात कुएं से शव बरामद किया गया, जबकि दूसरे आरोपी को 26 अप्रैल को पकड़ा गया। विशेष जांच दल (SIT) गठित कर जुलाई 2022 में चार्जशीट पेश की गई। सुनवाई के दौरान 45 गवाहों और 145 दस्तावेजों को अदालत में प्रस्तुत किया गया।
प्रमुख घटनाक्रम:-
- 23 अप्रैल 2022: महिला ससुराल से रवाना
- 23 अप्रैल 2022: दोपहर में बस से उतरने के बाद लापता
- 24 अप्रैल 2022: गुमशुदगी दर्ज
- 25 अप्रैल 2022: पहला आरोपी गिरफ्तार, रात में शव बरामद
- 26 अप्रैल 2022: दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी
- 4 मई 2022: एसआईटी गठन
- जुलाई 2022: चार्जशीट पेश
- 19 फरवरी 2026: दोनों आरोपी दोषी करार
- 20 फरवरी 2026: फांसी की सजा सुनाई गई