नरेगा कार्य के भुगतान को मिली भगत कर राशि गबन करने व धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज

खाजूवाला, खाजूवाला पुलिस थाने में न्यायालय के इस्तगासे से नरेगा कार्य के बिल का भुगतान को आपस में मिलीभगत से कूट रचित से बिल राशि अन्य व्यक्ति के खाते में डाल कर धोखाधड़ी करने पर मामला दर्ज हुआ है।
पुलिस के अनुसार मिली जानकारी में रामकुमार पुत्र धर्मपाल जाति जाट निवासी 34 केवाडी खाजूवाला ने मामला दर्ज करवाया है कि नवरत्न पुत्र ख्यालीराम जाति जाट तत्कालीन सचिव ग्राम वन सुरक्षा समिति 21 केजेडी, लखविंदर सिंह पुत्र कृपाल सिंह जाति राय सिख तत्कालीन अध्यक्ष ग्राम वन सुरक्षा समिति 21 केजेडी खाजूवाला, मोहन लाल मीणा रेंजर बेरियांवाली खाजूवाला, राजपाल पुत्र बलदेव सिंह जाति जाट सिख निवासी 21 केजेडी खाजूवाला के खिलाफ न्यायालय के इस्तगासे से धारा 420, 467, 468, 471, 120 आईपीसी में मामला दर्ज करवाया है कि ग्राम वन सुरक्षा समिति 21 केजेडी रेंज बेरियांवाली द्वारा नरेगा की तहत उसे मुखिया बनाया था, जिसमें सिंचाई कार्य, साइट, एसडीएस 71 हेड पर 1 जुलाई से 15 अक्टूबर तक कार्य किया था और जिसके बिल वन विभाग द्वारा बनाकर मुखिया के नाम से हस्ताक्षर करवा कर क्षेत्रीय वन अधिकारी बेरियांवाली के द्वारा विकास अधिकारी पंचायत समिति खाजूवाला को भेजा। जिसमें सचिव सतपाल, क्षेत्रीय वन अधिकारी रामेश्वरलाल, अध्यक्ष लखविंदर सिंह के हस्ताक्षर द्वारा भेजा गया। जिसमें वन संरक्षक छतरगढ़, वन संरक्षक, ऑडिटर द्वारा प्रमाणित किया गया। सब मुखिया के नाम व हस्ताक्षर थे, उसके साथ ही माप पुस्तिका भी वनरक्षक सतपाल की हेड राइटिंग द्वारा तैयार क्षेत्रीय वन अधिकारी रामेश्वर लाल के हस्ताक्षर कर पंचायत समिति में जमा करवाएं। लेकिन आरोपी नवरत्न तत्कालीन सचिव तथा अध्यक्ष लखविंदर ने गड़बडी कर इन बिलों का पैसा राजपाल सिंह के खाते में जमा करवा कर उसे उठा कर खा गए और रामकुमार का भुगतान नहीं किया। इस संबंध में खाजूवाला पुलिस में पूर्व में भी मामला दर्ज करवाया गया था। पूर्व में मामला दर्ज होने के बाद आरोपी गणों ने दस्तावेजों में कांटा छांटी कर उसे सही ठहराने का प्रयास किया गया। जिसके बाद इस मामले में बीकानेर पुलिस अधीक्षक व खाजूवाला पुलिस को जानकारी देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई जिसके बाद अब न्यायालय से इस्तगासा करवाया गया है।