बीएसएफ की गोल्डन जुबली 11 मई को, खाजूवाला में शीघ्र होगी परेड

बीकानेर, अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के सामानांतर बनी भारत माला सड़क परियोजना ने जहां क्षेत्र की भौगोलिक तस्वीर बदल डाली है। वहीं अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी और घुसपैठ को नाकाम करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को नए सिरे से सोचने पर मजबूर किया है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर दायरे में सुरक्षा और निगरानी का जिम्मा संभाल रही बीएसएफ ने भारतमाला सड़क पर चेकपोस्ट बनाने के लिए काम शुरू किया है। बॉर्डर पर हाल ही में पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन से घुसपैठ करना नई चुनौती बनकर उभरा है। इसके लिए भी बीएसएफ ने फिलहाल 12 बोर की पम्प एक्शन गन (पीएजी) में अच्छी गुणवत्ता की बुलेट का इस्तेमाल कर ड्रोन को मार गिराने का प्लान तैयार किया है।

डीआइजी पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने शुक्रवार को बीकानेर सेक्टर की उपलिब्धयों और भविष्य की चुनौतियों को पत्रकारों के साथ साझा करते हुए यह जानकारी दी। गौरतलब है कि बीएसएफ का बीकानेर क्षेत्रीय मुख्यालय 11 मई को अपनी स्थापना की गोल्डन जुबली मना रहा है। डीआइजी सिंह ने बताया कि भारतमाला की शानदार बनी सड़क ने सीमावर्ती क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाया है। पुलिस के साथ समन्वय कर हाइवे पर बीएसएफ चेक पोस्ट बनाने और कैमरे लगाने पर विचार कर रही है। जिससे हाइवे से हो रही मादक पदार्थ तस्करी पर निगरानी रखी जा सके। तस्करी और नापाक मंसूबों के लिए सीमापार से भारत में हथियार भेजने के लिए ड्रोन का उपयोग करने के मामले भी सामने आए हैं। ड्रोन को मार गिराने के लिए बीएसएफ के जवानों के पास होने वाली 12 बोर की पीएजी का उपयोग करने का सुझाव बीएसएफ मुख्यालय को भेजा गया है। इसमें अच्छी गुणवत्ता की बुलेट का उपयोग करने पर यह 300 से 400 फीट ऊंचाई तक ड्रोन को शूट कर सकती है।

गोल्डन जुबली के तहत कार्यक्रम-

डीआइजी राठौड़ ने बताया कि बीएसएफ के बीकानेर सेक्टर की स्थापना सूरतगढ़ में 11 मई 1972 को हुई थी। साल 2004 में श्रीगंगागनर सेक्टर बीकानेर से अलग हो गया। सेक्टर अपनी स्थापना के पचास वर्ष पूरे कर रहा है। ऐसे में पूरा साल उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इसी 8 मई को गोल्फ प्रतियोगिता का आयोजन सेक्टर मुख्यालय में होगा। अगले दिन 9 मई को जवानों के साथ सैनिक सम्मेलन और शाम को जवानों के परिवारों के साथ बड़ा खाना रखा गया है। इसके बाद 11 मई की शाम को क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारियों को बीएसएफ के बारे में जानकारी देने का कार्यक्रम है।

सांचू पोस्ट

सांचू पोस्ट पर्यटन के नक्शे पर, खाजूवाला में परेड शीघ्र-

डीआइजी राठौड़ ने बताया कि सीमा चौकी सांचू को पर्यटकों के लिए विकसित किया गया है। यहां दो टैंक रखे गए हैं। वॉर म्यूजियम बनाया गया है और 100 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज भी लगाया है। इसे पर्यटकों के लिए खोला गया है। पर्यटन विभाग ने इसे अपने नक्शे में शामिल कर लिया है। सांचू तक जाने की सड़क क्षतिग्रस्त थी। जिला प्रशासन की मदद से सड़क बनवाने के प्रयास चल रहे हैं। अटारी और वाघा बॉर्डर की तर्ज पर खाजूवाला में शीघ्र ही साप्ताहिक परेड प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। यहां से बॉर्डर का लाइव नजारा देखने की भी व्यवस्था होगी।

बीएसएफ डीआइजी पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एवं बॉर्डर की सांचू पोस्ट पर बीएसएफ की ओर से तैयार किया गया वार म्यूजियम।

बीकानेर सेक्टर की सक्रिय उपलब्धियां-

23 सितम्बर 2006 को बीएसएफ के जवानों ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया, उनके कब्जे से 4 राइफल, 3 चीनी पिस्तौल, 22 ग्रेनेड जब्त किए।

11 मई 2016 को कुख्यात अपराधी बलवंत सिंह निवासी रावलामंडी के घर से एके-47 राइफल व मैगजीन बरामद।

2 जून 2021 को बॉर्डर पर सीमा पार से आई 285 करोड़ रुपए मूल्य की 56.501 किलोग्राम हेरोइन जब्त की।

10 नवम्बर 2020 को तीन जनों से 1 लाख 35 हजार रुपए की जाली भारतीय मुद्रा बरामद की।

14 अगस्त 2020 को बॉर्डर पर तस्कर बलवंत सिंह, हरदीप सिंह व संदीप सिंह को दबोचा।

1 फरवरी 2022 को तस्कर सुरेन्द्र कुमार को पकड़ा। पुलिस ने तस्करी के इस मामले की फाइल बंद कर रखी थी।